Tuesday, May 5, 2020

मेरे मामा





बस इन दिनों घर पर बैठकर बचपन के छुट्टियों के दिन भी 
याद आ ही गए,

वो नानी का घर,
वो मामा का प्यार, 

अनायास ही लेखनी द्वारा मामा के प्यार ने शब्दों का जो रूप लिया, आपके सामने प्रस्तुत है : -


मेरे मामा

   

मेरे मामा

प्यारे मामा

लगते जैसे
चंदा मामा


और क्या
सुनाऊ मामा

मिश्री जैसे
मीठे मामा
दूध और
मलाई मामा
56 भोग
मिठाई मामा



मेरे मामा
प्यारे मामा
लगते जैसे
चंदा मामा


हम सबके
दुलारे मामा
हमे लगाए
पिटाई मामा
फिर सुनाये
कहानी मामा
फिर भी हमारे
प्यारे मामा


मेरे मामा
प्यारे मामा
लगते जैसे
चंदा मामा


बचपन में
खिलाये मामा
साइकल पर
घुमाये मामा
पिक्चर हमें
दिखाये मामा
चाट पकौड़ी
खिलाये मामा


मेरे मामा
प्यारे मामा
लगते जैसे
चंदा मामा

12 comments:

  1. बहुत अच्छी बाल रचना है
    ऐसे ही लिखते रहिये

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    1. मेरे इस नए ब्लॉग बाल साहित्य पर भी आपका स्वागत है।

      धन्यवाद ...।

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  2. सुन्दर लिखा है सर।

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    1. भावना जी धन्यवाद,

      मेंरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है और साथ ही साथ मेरे एक और ब्लॉग एक नई सोच पर आपका स्वागत है।

      🙏🏻🙏🏻💐💐

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  3. अति सुंदर 👍😊

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  4. Bahut sunder, likhana jari rakhiye

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  5. बहुत बढ़िया।👌
    बचपन याद आ गया।

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